एक बार तो आ मोहन हम दरश के प्यासे हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं !

बरसो से तरस रहे , जन्मों के प्यासे हैं !!

मीरा को दरश दिया , सबरी को दरश दिया ,

ओ मेरे मोहन , जिसको भी दिया तूने दरश ,

याद करते हैं उसको , सब बरसो बरस ,

याद करते हैं उसको , सब बरसो बरस ,

मीरा को दरश दिया , सबरी को दरश दिया ,

दोनों को दरश दिया, दोनों को तार दिया ,

प्रभु हम को भी दे दो दरश , हम दरश के प्यासे हैं ,

एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं ,

ना धन ही हमें भाया , ना यश ही हमें भाया ,

ओ मेरे मोहन , धन दौलत सब झूठी हैं माया ,

सब कुछ छोड़ के , तेरे दर आया ,

सब कुछ छोड़ के , तेरे दर आया ,

ना धन ही हमें भाया , ना यश ही हमें भाया ,

बस कीर्तन ही तेरा , मन को मेरे भाया ,

भजनों के रसिया हैं , भजनों के प्यासे हैं ,

एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं ,

रिश्तो से प्यार किया , रिश्तो ने धोका दिया,

ओ मेरे मोहन , रिश्ते सभी ये झूठे हैं सारे,

हम हैं मोहन बस तेरे सहारे,

हम हैं मोहन बस तेरे सहारे,

रिश्तो से प्यार किया , रिश्तो ने धोका दिया ,

जब प्रीत करी तुझसे , पल में तूने थाम लिया ,

थोड़ा प्यार हमें कर लो , हम प्यार के प्यासे हैं ,

एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

Voice - Jay Prakash & Priya Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।