रिश्ता मैं जोड़ आई राधे और श्याम से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रिश्ता मैं जोड़ आई राधे और श्याम से,

लड्डू गोपाल लाई वृन्दावन धाम से,

इस दुनिया से मैंने यूँ ही झूठी प्रीत लगाई (मिला ना मुझको भाई,)-2

लड्डू लाल को बना लिया है मैंने अपना भाई,

मैं भी चलूँगी उसकी ऊँगली को थाम के,

लड्डू गोपाल लाई वृन्दावन धाम से,

बांके बिहारी की भी ऐसी (झांकी अज़ब निराली)-2,

मोटी मोटी आंखे उनकी बिन काजल की काली,

अमृत की बूँदें छलकें अखियों के जाम से,

लड्डू गोपाल लाइ वृन्दावन धाम से,

सज धज कर जब श्याम सलोना (मुरली मधुर बजाये)-2,

चाँद सितारे तुझे निहारें “पाल” तेरे गुण गाये,

चलती है अपनी नैया इनके ही नाम से,

लड्डू गोपाल लाइ वृन्दावन धाम से,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।