डमरू वाले भोले तुम जल्दी से आना कब से तेरी टेर लगाए अब ना देर लगाना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

( तर्ज - जनम - जनम का साथ है तुम्हारा हमारा )

डमरू वाले भोले तुम जल्दी से आना

कब से तेरी टेर लगाए अब ना देर लगाना

केसरिया चंदन से तिलक तुम्हें लगाउ

पूजा करके तेरी तुमको भोग लगाउ

करके आंखें बंद बाबा तेरा ध्यान लगाना

डमरू वाले भोले तुम जल्दी से आना...

सावन के महीने कावड़ लेने आए

रस्ते भर बाबा तेरा गुण ही गाए

दिल से पुकारा तुमको बाबा मुझको ना भुलाना

डमरू वाले भोले तुम जल्दी से आना...

छोटी सी बगिया है तू उसका है माली

पिता मेरे भोले है माता शेरोवाली

मन में बसता तू ही शंभू तुमसे प्रीत लगाना

डमरू वाले भोले तुम जल्दी से आना...

भांग धतूरा तुमको सबसे प्यारी लगती

जटा से निकली गंगा सबको पावन करती

ख्वाहिश लक्की की है बाबा मंदिर तेरा सजाना

डमरू वाले भोले तुम जल्दी से आना...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।