जोगी हथ डोर गुड्डी किननी की चढ़ोणी ए

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

खटण वाले तां खट बड़ा कुज लैन्दे ने

हर वेले नाम जेड़े बाबा जी द लैन्दे ने

जै जैकार दुनिया तों जोगी ने करौणी ए ए

जोगी हथ डोर गुड्डी किननी की चढ़ोणी ए

जोगी हथ डोर गुड्डी किननी की चढ़ोणी ए

भावें अस्माना तक लाई जा उडारियाँ

तेरे दिल दियाँ गललां जोगी जाने सारियाँ -२

चतुर चलाकी न कोई कम तेरे औणी ए ए

जोगी हथ डोर...

जोगी हथ डोर गुड्डी किननी की चढ़ोणी ए

सुख सुख सुखां अस्सी आप जान्दे भूल जी

बाबा जी नु कैन्दे गए कखाँ वांगु रूल जी -२

सुखी होई सुखना जोगी दी कदो लोणी ए ए

जोगी हथ डो...

जोगी उत्ते डोरा जिना बचेयां ने सुटियाँ

दिनों दिन जान्दे ओ तां करदे तरकियाँ -२

ओहना वांगु अप्पा वी प्रीत गुड़ी पोणी ए ए

जोगी हथ डोर

जोगी हथ डोर गुड्डी किननी की चढ़ोणी ए

हो जाना मन जदो शीशे वांगु साफ जी

बाली बहादर पुरिए रैणी न कोई घाट जी -२

प्रतीक दी वी गुड्डी सिद्ध जोगी ने चढ़ोणी ए ए

जोगी हथ डोर....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।