मुझे एक बार ओ मैया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मुझे एक बार ओ मैया तेरी गोदी में सोने दे,

ये दिल भर आया है मेरा मुझे जी भर के जीने दे,

मुझे एक बार ओ मैया......

गमो का भोज ये दिल पर उठाया मुझसे ना जाये,

कहु किस से कोई अपना नजर भी तो नहीं आये,

सुकून मिल जायेगा दिल को तेरे आगे तो कहने दे,

ये दिल भर आया है मेरा मुझे जी भर के जीने दे,

मुझे एक बार ओ मैया........

मेरे अरमान जीवन ले रखे दिल में दबा करके,

रखे पलको के निचे है,

कई सावन छिपा कर के,

बरसती इन घटाओ से तेरे चरणों को धोने दे,

ये दिल भर आया है मेरा मुझे जी भर के जीने दे,

मुझे एक बार ओ मैया.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।