कुछ दो या ना दो श्याम, इस श्याम दीवानी को

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,

थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,

मीरा को दी भक्ति , सबरी को दी भक्ति ,

दोनों को दी भक्ति , दोनों ने की भक्ति ,

वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,

वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,

कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,

थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,

सबरी के खाए बेर , कर्मा के खाए भात ,

दोनों की खुली किस्मत , दोनों के खुल गए भाग ,

मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,

मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,

कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,

थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,

राधा जी तुम्हें प्यारी , रुक्मण जी तुम्हें प्यारी ,

दोनों से प्यार किया , तुमने मेरे श्याम मुरारी ,

थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,

थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,

कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,

थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।