अरदास

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सारी दुनिया से हार के

मैं तेरे दर पे आया हूँ ।

सुनले ओ खाटू वाले श्याम,

तेरे ही भरोसे आया हूँ ।

हारे के हो सहारे श्याम….

इसलिए मैं अरदास ले के आया हूँ ।।

मेरे श्याम बाबा,

कर दो कृपा अब,

ये दास तुम्हारे दर पे खड़ा है ।

लहरों से डरता ,

दिखे ना किनारा ,

चारों तरफ़ है,

घना अँधियारा श्याम

चारों तरफ़ है घना अंधियारा…

मेरे श्याम बाबा …

लाखो को तूने

पल में है तारा

मुझे भी तो बाबा तेरा ही सहारा श्याम ।२

छोड़ दिया है सारा ज़माना ,

तुमको ही बाबा अब रिश्ता निभाना श्याम …

मेरे श्याम बाबा….

आँखों में आँसू देखे जो उसने

दौड़ा चला आया लीले पे अपने श्याम

दौड़ा चला आया लीले पे अपने…

ये अर्ज़ी गगन की चरणों में तेरे

कृपा तू रखना जीवन में मेरे श्याम …२

मेरे श्याम बाबा …

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।