ओ रे जादूगर श्याम

श्री श्रीकान्त दास जी महाराज ।
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ रे जादूगर श्याम तू बड़ोई जादूगर ।

तू बड़ोई जादूगर तू बड़ोई जादूगर ॥

तेरा रोम-रोम जादू की पिटारी नटवर ।

तूने लूटी जादूगरी बड़े-बड़ों के भी घर ।।

तूने लूटे परिकर विधि-हरि-हर घर ।

ओ रे...

तूने लूटे उमा-रमा-सरस्वती के भी घर ।

तूने लूटे सनकादिक ज्ञानिन घर ।।

तूने लूटे सुध-बुध मायामुक्त जन घर ।

ओ रे...

तूने लूटे जनकादि विदेहहुँ घर ।

तूने लूटे निजजन व्रजवासिन घर ।।

तूने लूटे बड़े-बड़े व्रजरसिकन घर ।

ओ रे...

तूने लूटे कामयुक्त प्रेमयुक्त जन घर ।

तुने लूटे जो बने हैं तेरे उनहिन घर ।।

तूने लूटे बड़े-बड़े जगद्‌गुरुओं के घर ।

ओ रे...

तूने लूटे जिन उनने भी लूटा तेरा घर ।

तूने लूटे सब घर राधा लूटे तेरा घर ।।

तूने लूटे क्यों कर ना कृपालो उर घर ।

ओ रे...

भजन रचना : जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज ।

स्वर : श्री श्रीकान्त दास जी महाराज ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।