श्री गंगा अवतरण महोत्सव

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

श्रीगंगा अवतरण-गंगा दशमी (कीर्तन)

आज गंगा दशमीं का है त्योहार,

विष्णु-पदी जटा शंकरी गंगा, मैया लिया अवतार ।।

राजा भगीरथ की तपस्या, मां गंगा ले आई।

स्र्वग से सीधी गंगा मैया, शंकर जटा समाई ।।

ज्येष्ठ शुक्ल दशमी दिन बही, धरती पर गंग धार-आज.

दशपाप त्रिताप हारिणी, तरन-तारिणी गंगा।

मोक्षदायिनी पतित पावनी, भवभय हारिणी गंगा ।।

गंगा दरस स्नान, पूजा-फल, कर देवे भव पार -आज.

गंगा दशमीं दिन मां गंगा, पावन दरस दिखायो।

सफल हुआ जीवन यह हमारा, पूर्व पुण्य फल पायो ।।

गावो 'मधुप' गंगा गुण गावो, बोलो जय जय कार-आज,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।