प्रीता सतगुरु नाल जदो पाइयां

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

प्रीतां सतगुरु नाल जदो पाईयां

लहरां बहरां होईयाइ पईया ने

हारा वाले ने मेहरां बरसाईयां

लहरां बहरां होईआं पईया ने

सब नालों सच्चा मेरे, सतगुरु दा सहारा ए

छड्डदा न साथ पार करदा उतारा ए

किवें सतगुरु दी करां वडियाईयां

लहरां बहरां होईया पईया ने

प्रीतां सतगुरु नाल जदो पाईयां

लहरां बहरां होईयाइ पईया ने

हारा वाले ने मेहरां बरसाईयां

लहरां बहरां होईआं पईया ने

सतगुरु बिना किसे कोलाें आस नईयों रखदे

मन उत्ते बोझ कोई खास नईयों रखदे

सब फ़िकरां ने गुरा ने मुकईयां

लहरां बहरां होईया पईया ने

प्रीतां सतगुरु नाल जदो पाईयां

लहरां बहरां होईयाइ पईया ने

हारा वाले ने मेहरां बरसाईयां

लहरां बहरां होईआं पईया ने

सतगुरु दियां रहमता ने कोई वी न तंगी ए

हर चीज मिली असी जो मंगी ए

रीझां सतगुरु ने सारीया पुगाईयां

लहरां बहरां होईया पईया ने

प्रीतां सतगुरु नाल जदो पाईयां

लहरां बहरां होईयाइ पईया ने

हारा वाले ने मेहरां बरसाईयां

लहरां बहरां होईआं पईया ने

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।