सैयोनी मेनू देवो बधाइयां

पारंपरिक
श्री राम आरती गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

संइयों नी मैनूं देवो वधाईयां सतगुरु मेरे घर आए

धरती पैर ना लग्गन मेथो...हो...

खुशी ना झल्ली जाए

करां आरती बेनती गांवां चरणीं शीश निवावां

चरणां नूं धो-धो के पीवां हलवा भोग लगावां

भिलनी दे घर राम रूप विच...हो...

मेरे सतगुरु आए

संइयों नी मैनूं देवो वधाईयां सतगुरु मेरे घर आए

धरती पैर ना लग्गन मेथो...हो...

खुशी ना झल्ली जाए

संत ने‌ हुंदे‌‌ बड़े दयालु सबते मेहरां करदे

दुनिया दा विष पीके सबते अमृत वर्षा करदे

जन कल्याण दी खातिर सबनू....हो...

नाम जपावन आए

संइयों नी मैनूं देवो वधाईयां सतगुरु मेरे घर आए

धरती पैर ना लग्गन मेथो...हो...

खुशी ना झल्ली जाए

शुभ कर्मा दे नाल ही हुंदे महापुरषां दे दर्शन

दर्शन करके आत्मा खिलदी फुल्ल खुशियां दे वर्सन

अज विदुर दा साग खान मेरे...हो...

कृष्ण कन्हैया आए

संइयों नी मैनूं देवो वधाईयां सतगुरु मेरे घर आए

धरती पैर ना लग्गन मेथो...हो...

खुशी ना झल्ली जाए

सतगुरु दासी दी हर गल्ल नूं अपने दिलों भुलाना

मैं तां हां अवगुण दी पुतली अपने लायक बनाना

चरणीं लाके अहल्या तारी...हो...

मैं वी तर जाणा ए

संइयों नी मैनूं देवो वधाईयां सतगुरु मेरे घर आए

धरती पैर ना लग्गन मेथो...हो...

खुशी ना झल्ली जाए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।