राधा राधा राधा राधा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा राधा राधा राधा

तर्ज : रात श्याम मेरे सपने आयो ब्रज भूमि में पांव धरत ही, तन मन बोले-राधा राधा राधा राधा ।।

गोवर्धन गिरि, ब्रजरज, यमुना,

कण कण बोले-राधा राधा०

पशु पक्षी तरू फूल लताएं,

कुंज कुंज बोले-राधा राधा०

छाछ दूध दहीं माखन मटकी,

बंसी बोले-राधा राधा०

निगमागम सुर सन्त भगत मुनि,

जन गण बोले- राधा राधा०

मधुर मधुर रस चाख '

मधुप हरि' रसना बोले - राधा राधा०

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।