मनवा छोड़ जगत जंजाल लगा रटना हरि नाम की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मनवा छोड़ जगत जंजाल लगा रटना हरि नाम की।

लगा रटना हरि नाम की.....2

मनवा छोड़ जगत.....

नाम हरि का नहीं जपे रसना किस काम की...2

अरे हरि भजन से सुफल होए तेरी काया जाम की...2

मनवा छोड़ जगत...

पल पल छीजै स्वासा तेरी आठों याम की...2

अरे क्या किया था कौल याद कर लें उस धाम...2

मनवा छोड़ जगत....

वृंदावन में जाए शरण गहे राधे श्याम की...2

अरे सबके पापन कू काटे रज वृंदावन धाम की...2

मनवा छोड़ जगत...

श्री राधे जू कृपा करे बरसाने धाम की...2

अरे सब भक्तन की दास मंडली तोताराम की...2

मनवा छोड़ जगत....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।