तुम्हें देखती हूं तो लगता है ऐसे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुम्हें देखती हूं तो,लगता है ऐसे

के जैसे युगों से,तुम्हे जानती हूं

अगर तुम हो सागर.....

अगत तुम हो सागर,मैं प्यासी नदी हूं

अगर तुम हो सावन,मैं जलती कली हूं

के जैसे युगों से,तुम्हें जानती हूं

तुम्हें देखती....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।