बम बम भोले आये नी दरवाजा खोल

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

बम बम भोले आये नी दरवाजा खोल

बल्ले की दरवाजा खोल शावा नी दरवाजा खोल

गोरा नू नाल ले आए नी दरवाजा खोल

गणपति नाल ले आए नी दरवाजा खोल

सर भोले दे जटा बिराजे

जटा दे विच गंगा विराजे

अमृत वगादा आया की दरवाजा खोल

बम बम भोले आये नी दरवाजा खोल

बल्ले की दरवाजा खोल शावा नी दरवाजा खोल

राम नू नाल ले आए नी दरवाजा खोल

सीता नू नाल ले आए नी दरवाजा खोल

बम बम भोले आये नी दरवाजा खोल

मत्थे बोल दे चंदा विराजे

चानन करदा आया नी दरवाजा खोल

बम बम भोले आये नी दरवाजा खोल

बल्ले की दरवाजा खोल शावा नी दरवाजा खोल

कृष्ण नू नाल ले आए नी दरवाजा खोल

राधा नू नाल आए नी दरवाजा खोल

बम बम भोले आये नी दरवाजा खोल बल्ले की दरवाजा खोल शावा नी दरवाजा खोल

हाथ भोले दे कितने सोणे

डमरु बजादा आया नी नहीं दरवाजा खोल

नचदे टपदा आया नी दरवाजा खोल

बम बम भोले आये नी दरवाजा खोल

बल्ले की दरवाजा खोल शावा नी दरवाजा खोल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।