आंधी चले तूफान चले बाबा मेरे साथ जब ये साथ है तो डरने की क्या बात

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - मस्त जवानी तेरी मुझको पागल कर गई रे

आंधी चले तूफान चले बाबा मेरे साथ

जब ये साथ है तो डरने की क्या बात

तूफानों से लड़ना हमने सीख लिया है

जिंदगी में हमने जीना सीख लिया है

सवेरा फिर से होगा चाहे जितनी काली रात

जब ये साथ है तो डरने की क्या बात

राहे भरे कांटों में मैं नाम ये लेता

लाल तेरे संग में हु एहसास ये देता

कुछ भी नहीं छिपे बाबा तुमसे ये हालत

जब ये साथ है तो डरने की क्या बात

हर पल बाबा तूने मुझे काम दिया है

हाथ को मेरे बाबा श्याम ने थाम लिया है

हमको तेरा प्यार मिले लक्की की अरदास

जब ये साथ है तो डरने की क्या बात

Lyrics - lucky Shukla

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।