मनशा पूरी करदे ओ दादा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दादा खेडा आशा करके आया तेरे दरबार मै,

मनशा पूरी करदे ओ दादा सुनले नै पुकार नै,

दुखियो के दुखः दूर करे जो तेरे दर पै आ जावै,

इच्छा पुरी ,करदे ओ दादा मन चाहा फल पा जावै,

झोली भरदे, आनन्द करदे ना कमी तेरे भन्डार मै,

मनशा पुरी..........

नगर खेडे दादा तेरी शरण मै जो भी आता है,

पान पताशे ध्वजा नारियल ल्या तेरी भेट चडाता है,

अन्न धन से भन्डार भरे तो ना कमी रवै घरबार मै,

मनशा पुरी.....................

तेरे बिना हो दादा मेरे ओर नही कोई मेरा,

तेरी शरण मे पडा हू दादा ईतना श्यान भथेरा,

यो ''ईश्वर बालक तेरा ओ दादा आज दिए पुचकार ईन्नै,

मनशा पुरी.............

रचना ईश्वर वर्मा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।