दिवानी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बौंल-कजरारी तेरी आंखों में,क्या भरा हुआ एक टोना है

प्यारे तेरा तो हसंन मेरा है मरन,बस जांन हाथ खोंना है

क्या ख़ुब हुंस्न ब्यान करूँ,ये बृज़ का एक खिलौंना है

श्री ललित किशोरी जू के प्राण जीवन धंन,ये तो सुंदर श्याम सलोंना है

तरज़-जय राधे राधे श्री राधे राधे

दिवानी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके

दिवानी....

1. जब से देखी मैंने वाकी सुरतिया, मन मेरो मोहे लियो बांकें सांवरिया

बौंल-इक तेरी प्यारी सुरत पे,बस हो ही गया है प्यार मुझे

खाई है ज़माने की ठोकर,इक तूं ही मिला दिलदार मुझे

राधा रसिक बिहारी अब देर ना कर,झट

से दिखला दिदार मुझे

जब से देखी मैंने वाकी सुरतिया,मन

मेरो मोहे लियो बांकें सांवरिया मस्तानीं हो गई श्याम,

तेरे वृन्दावन में आके

दिवानी....

2. बांकेंबिहारी मेरे रसिकबिहारी,

चतुरबिहारी मेरे मोहनीबिहारी

बांकें बिहारी तेरे मोटे-मोटे नैंना,

कजरारे मतवारे नैंना

बिन देखे मोहे,चैंन पड़ेना

मतवारी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके

दिवानी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके

दिवानी....

3. छोड़ दई रे मैंने दुनिया सारी,बांकें

बिहारी तोसे कर ली यारी

बैरागंन हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके

दिवानी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके

दिवानी....

बाबा श्री गोबिंददास जी

तटिया स्थान(वृन्दावन)

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।