जादू कर गयो यशोमती को ये लाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आ पिया इन नैनन में, पलक ढांप तोहे लूं,,

ना मैं देखूँ और को, ना तोहे देखन दूँ

कजरारी तेरी आँखों में, क्या भरा हुआ इक टोना है !

तेरा तो हसन औरों का मरन ,बस जान हाथ से धोना है !!

नित बांकी ये झांकी निहारा करूँ, छवि छाक से मोहे छकाय रहो,!

श्री बाँके बिहारी से यही विनती ,मेरे नैनों से नैना मिलाय रहो,!!

जादू कर गयो यशोमति को ये लाल 2

जाके नैना कारे हैं कमाल, ,,2

जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,2

नींद ना आवे ,रोज सताबे 2

सौत मुरलिया मोहे जगावे,2

आधी रात जब छेड़े तान,2,,,,कान्हा,,

जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,,,,,

कृष्ण ही कृष्ण है प्रेम अनूठा ,2

प्रेम दिखाकर सबको लूटा ,2

प्रेम में होवें ना सवाल ,,,कान्हा,,

जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,,,,

कुंज बिहारी श्री हरिदासी,2

करुणा की है आस जरा सी,2

मन बस गयो मेरे बा़ंको लाल,,,2

जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,,,

सिंगर भरत कुमार भारत

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।