मिलता हैं हमको सुख केवल श्याम तुम्हारे भजनों में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मिलता हैं हमको सुख केवल ,

श्याम तुम्हारे भजनों में ,

ये विनती हैं , हम भक्तों की ,

रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,

सारे जग को हमने छोड़ा हैं ,

बस तुमसे रिश्ता जोड़ा हैं ,

अब जुड़ा रहे बंधन ये सदा,

रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,

मिलता हैं हमको सुख केवल ,

श्याम तुम्हारे भजनों में ,

ये विनती हैं , हम भक्तों की ,

रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,

बरसो से हम तो भटक रहे ,

दर्शन को तुम्हारे तरस रहे ,

जब तक ना दरश तुम्हारा हो ,

रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,

मिलता हैं हमको सुख केवल ,

श्याम तुम्हारे भजनों में ,

ये विनती हैं, हम भक्तों की ,

रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,

हमें धन और दौलत मत देना ,

हमें नाम और शोहरत मत देना ,

बस इतनी कृपा तुम कर देना ,

रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,

मिलता हैं हमको सुख केवल ,

श्याम तुम्हारे भजनों में ,

ये विनती हैं , हम भक्तों की ,

रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,

चाहे सुबह हो या शाम हो ,

होठो पे तुम्हारा नाम हो ,

हम जपते रहे तेरा नाम सदा ,

रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में ,

मिलता हैं हमको सुख केवल ,

श्याम तुम्हारे भजनों में ,

ये विनती हैं , हम भक्तों की ,

रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।