म्हारी भी तो बिजासन धणी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

म्हारा जस्या गरीबा को कोण तो धणी

म्हारा जस्या गरीबा को कोण तो धणी

बीरा दुनियाआला जले र जीने जलबा दे मारी भी तो बिजासन धणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी भी तो बिजासन धणी

मारा जस्या गरीबा को कोण तो धणी

मारा जस्या गरीबा को कोण तो धणी

बीरा दुनियाआला जले र जीने जलबा दे मारी भी तो बिजासन धणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी भी तो बिजासन धणी

ये छत्तर छाया बिजासन की मेहर तगड़ी

छत्तर छाया बिजासन की मेहर तगड़ी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी भी तो जगदंबा धणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो जगदंबा धणी

ये छत्तर छाया बिजासन की मेहर तगड़ी

छत्तर छाया बिजासन की मेहर तगड़ी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो जगदंबा धणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो जगदंबा धणी

या धोली गाडी छोखी लागे आंगणे खडी

या धोली गाडी छोखी लागे आंगणे खडी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो चौथ माँ धणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो चौथ माँ धणी

या धोली गाडी छोखी लागे आंगणे खडी

या धोली गाडी छोखी लागे आंगणे खडी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो चौथ माँ धणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो चौथ माँ धणी

देख तरक्की या दुनिया जलरी

देख तरक्की या दुनिया जलरी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो बिजासन धणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो बिजासन धणी

देख तरक्की या दुनिया जलरी

देख तरक्की या दुनिया जलरी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो बिजासन धणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो बिजासन धणी

या गरीबा की लाज राखे बिजासन राणी

गरीबा की लाज राखे बिजासन राणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो बिजासन धणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो बिजासन धणी

या गरीबा की लाज राखे बिजासन राणी

गरीबा की लाज राखे बिजासन राणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो बिजासन धणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो बिजासन धणी

हेमंत सैनी महिमा गावे बात या बणी

हेमंत सैनी महिमा गावे बात या बणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो बिजासन धणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो बिजासन धणी

हेमंत सैनी महिमा गावे बात,या बणी

हेमंत सैनी महिमा गावे बात,या बणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो बिजासन धणी

बीरा दुनिया जले र जीने जलबा दे मारी तो बिजासन धणी

गायक / लेखक - हेमन्त सैनी इंदरगढ़

सहयोग - कैलाश सैनी टोंक

मो• 7878793015,9511552408

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।