नरसिंह जयंती की हार्दिक बधाई

पारंपरिक
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॥ पावन पाठ ॥

नरसिंह जयंती की हार्दिक बधाई

श्रीनरसिंह जयन्ती की कोटिन कोटि बधाई (संकीर्तनः हरि बोल हरि बोल, हरि बोल हरि बोल)

आज नरसिंह जयन्ती आई, झूम झूमकर नाचो गावो, मंगल गीत बधाई ।।

हिरणयकशपु ब्रह्मदेव से, पा करके वरदान।

विष्णु पूजा बंद बरवा, खुद बन बैठा भगवान ।।

जुल्म सितम की पाप पताका, तीनलोक फहराई-आज नरसिंह.

उसके अपने ही घर जन्मयों, हरि भगत प्रहलाद ।

मृत्यु जिसको देते देते, हो गया खुद बरबाद ।।

धर्म अधर्म के युद्ध में भगवन, भक्तन पैज निभाई-आज नरसिंह

भक्त रक्षक, धर्म धरा हित, धरा अद्भुत अवतार।

धर विध्वंसक रूप भयंकर, कीन्ही खूब दहाड़ ।।.

थम फोड़ नरसिंह रूप में, प्रक्ट पड़े हरिराई-आज नरसिंह.

पक्ड़ दैत्य को जांघ बिठाकर, किये भीषण प्रहार।

पेट फाड़ नाखुन से नरसिंह, किया दैत्य संहार।।

'मधुप' सभी नरसिंह प्रभु की, जै जैकार बुलाई-आज नरसिंह.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।