मिठी वृन्दावन की सेवा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मिठी वृन्दावन की सेवा,

श्यामा श्यामहि नीकी लागत,ज्यों

बालकहि कलेवा

मिठी वृन्दावन की सेवा

मिठी....

1.बेलि हमारी कुल देवी सब,विटप गुल्म सब देवा

मिठी वृन्दावन की सेवा

श्यामा श्यामहि नीकी लागत,ज्यों बालकहि कलेवा

मिठी....

2.कुंज निकुंजनि कुसुम पुंज रचि,सैंन ऐंन मधुमेवा

मनि कंचन भाजंन सोहे,अंग धुंम को खेवा

मिठी वृन्दावन की सेवा

श्यामा श्यामहि नीकी लागत,ज्यों बालकहि कलेवा

मिठी वृन्दावन की सेवा

मिठी....

3.और धरम अकरम से लागत,बिन माला लगत ज्यौं जनेवा

श्यामा श्यामहि नीकी लागत,ज्यों बालकहि कलेवा

मिठी वृन्दावन की सेवा

मिठी....

4.बिहरत सदा दुल्हिंन दुल्हा,अंग अंग मधु पेवा

व्यास रास आकाश बिरत दोऊ,मानहु प्रेम परेवा

मिठी वृन्दावन की सेवा

श्यामा श्यामहि नीकी लागत,ज्यों बालकहि कलेवा

मिठी वृन्दावन की सेवा

मिठी वृन्दावन की सेवा

मिठी....

वृन्दावन वृन्दावन वृन्दावन रहिये-2

श्यामा श्याम श्यामा श्याम श्यामा श्याम

कहिये

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।