तैनु वेख मेरा दिल खिल जांदा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेनु वेख मेरा दिल खिल जांदा चाहे- जिना मर्जी उदास होवे-2

जी करदा तेरे तो वार देवां-2

जो कुछ भी मेरे पास होवे

तेन वेख मेरा......

कैंदे हां कैंदे रहना है, तेतो मंगना तेरे तो लैना है-2

तेरे दर ते जय हो,

तेरे दर तो ओवी मिल जांदा,

जी दे मिलन दी ना कोई आस होवे

जी करदा तेरे तो.....

तेनुवेख मेरा दिल.....

ना भटका कदे ना डोला मैं,दुख दर्द तेरे नाल बोला मै-2

ऐसी मेहर जय हो,

ऐसी मेहर करो मेरे सांईया, तेरे चरणा च मेरा निवास होवे

जी करदा तेरे......

तेनु बेख मेरा दिल......

मनमोहना वे मुख मैतो मोड़ी ना, मेरा हाथ पकड़ के छोड़ी ना-2

तेरा दास जय हो

तेरा दास ऐ करदा विनती ऐ, कबूल मेरी

अरदास होवे

जी करदा तेरे तो ......

तेनु वेख मेरा दिल खिल जांदा, चाहे जिना मर्जी उदास होवे-2

जी करदा तेरे तो वार देवां जो कुछ वी मेरे पास होवे

तेनु वेख मेरा दिल......

चाहे जिना मर्जी उदास होवे-2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।