गौरीनंदन हे जगवंदन राखो म्हारी लाज

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज :- आई है माँ आई है सिंह पर चढ़कर आई है

गौरीनंदन हे जगवंदन, राखो म्हारी लाज

गजानन आ जाओ

आ जाओ देवा आ जाओ आज गजानन आ जाओ

सबसु पहला थाणे मनावा, रख लो म्हारी लाज

गजानन आ जाओ

बल बुद्धि के दाता हो, सबके भाग्य विधाता हो -2

माँ गौरा की, आँख का तारा हो, शिव शंकर का दुलारा हो -2

फंसी भँवर मे नैया म्हारी-2, कर दो भव से पार

गजानन आ जाओ

आ जाओ देवा आ जाओ आज गजानन आ जाओ

सबसु पहला थाणे मनावा, रख लो म्हारी लाज

गजानन आ जाओ

लड्डू वन को थारे भोग लगे, छप्पन भोग का थाल सजे -2

सुर नर मुनिजन ध्यान धरे, सब मिल थारा लाड करें -2

हिल मिल बाबा थाणे ध्यावे-2, कर दो बेड़ा पार

गजानन आ जाओ

आ जाओ देवा आ जाओ आज गजानन आ जाओ

सबसु पहला थाणे मनावा, रख लो म्हारी लाज गजानन आ जाओ

देवो मे तुम देव बड़े, सारे संकट पल मे टले -2

रिद्ध सिद्ध थारे संग मे चले, अन्न धन का भंडार भरे -2

"अत्रि" बाबा थाणे बुलावे-2, आये विराजो आज

गजानन आ जाओ

गौरीनंदन हे जगवंदन, राखो म्हारी लाज

गजानन आ जाओ -2

आ जाओ देवा आ जाओ आज गजानन आ जाओ

सबसु पहला थाणे मनावा, रख लो म्हारी लाज

गजानन आ जाओ

आ जाओ देवा आ जाओ आज गजानन आ जाओ

सबसु पहला थाणे मनावा, रख लो म्हारी लाज

गजानन आ जाओ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।