दाता किरपा कीजिये

रवि सराफ
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दाता किरपा कीजिये...

अपना बना लो, दर पे बुलालो, एक आसरा दीजिये

हो... दाता किरपा कीजिये....

दिल तो ये चाहे, हर पल तेरी बस यूँ ही सेवा करें,

सेवा ना जानूँ, पूजा ना जानूँ, बस तुम्हें चाहा करें,

तुमसे ये विनती, ये ही तमन्ना हाँ बस यही सांवरे...

दाता किरपा कीजिये...

सुनलो ना दाता उंगली पकड़ लो, खो ना जाऊं संसार में,

और कुछ ना सूझे, तेरे सिवा मुझे, बस रहूं तेरे प्यार में,

तूँ ही सहारा, तू ही किनारा, माझी मेरे सांवरे...

दाता किरपा कीजिये...

साँझ सवेरे, होठों पे मेरे, बस तेरा एक नाम हो,

जब तक है साँसे, तन मन में मेरे, बाबा तेरा ही साथ हो

दास, रवि की अर्जी है इतनी, चलता रहे काम रे...

दाता किरपा कीजिये...

गायक - विकास झा 7980672853 कोलकाता

लेखक - रवि सराफ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।