कर पिता को नमन छु ले माँ के चरण

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

करना चाहे अगर संवारे से मिलन,

कर पिता को नमन छु ले माँ के चरण

पुरे हो जायेगे संवारे के भजन,

कर पिता को नमन छु ले माँ के चरण,

दूसरा तुम को फिर न मिले गा जनम,

कर पिता को नमन छु ले माँ के चरण,

करना चाहे अगर सबसे ऊचा धर्म,

कर पिता को नमन छु ले माँ के चरण,

जग में बनवारी ये सबसे अच्छा कर्म,

कर पिता को नमन छु ले माँ के चरण,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।