नमन है आपको प्रभुजी मेरी बाधा को हर लेना

आलोक जी
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रार्थना : मेरी बाधा को हर लेना ।

नमन है आपको प्रभु जी,

मेरी बाधा को हर लेना ।

न ज्ञानी हूँ न ध्यानी हूँ,

मेरे अज्ञान हर लेना ।।

हमारे पाप को हरलो,

प्रभु संताप को हरलो ।

हमारे दंभ को हरलो,

मुझे अपना बना लेना ।। नमन है....

सदा सेवा करूँ तन से,

करूँ भक्ती सदा मन से ।

करूँ मैं प्रेम सब जन से,

यही वरदान दे देना ।। नमन है....

कभी अनुचित नहीं बोलूँ,

सदा रस प्रेम का घोलूँ ।

सभी के गम को मैं हरलूँ,

कान्त को ज्ञान यह देना ।। नमन है....

भजन रचना : दासानुदास श्रीकान्त दास जी महाराज ।

स्वर : आलोक जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।