आना अंबे माँ हमारे ह्रदय में

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आना अंबे माँ हमारे ह्रदय में,

हमारे ह्रदय में हमारे ह्रदय में

आना अंबे माँ हमारे ह्रदय मैं

आप भी आना संग ब्रह्मा जी को लाना

चारो वेद सुनाना हृदय में

आना अंबे माँ हमारे ह्रदय में

आप भी आना संग विष्णु जी को लाना

शंख की नाद सुनाना हृदय में

आना अंबे माँ हमारे ह्रदय में

आप भी आना संग भोले जी को लाना

डम डम डमरू बजाना हृदय में

आना अंबे माँ हमारे ह्रदय में

आप भी आना संग राम जी को लाना

सुंदर कांड सुनाना हृदय में

आना अंबे माँ हमारे ह्रदय में

आप भी आना संग कान्हा जी को लाना

मुरली की तान सुनाना हृदय में

आना अंबे माँ हमारे ह्रदय में

आप भी आना संग भक्तों को भी लाना

प्रेम वाली जोत जलाना ह्रदय में

आना अंबे माँ हमारे ह्रदय में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।