जिसके रक्षक हैं महाकाल उसे दर क्या है काल का

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आकाशे तारकम लिंगम, पाताले हाटकेश्वरम

मृत्युलोके महाकालं, त्रियलिंगम नमोस्तुते

जिसके रक्षक हैं महाकाल उसे डर क्या है काल का,

कभी बाल ना बांका कर सके कोई उसके बाल का,

काल तो बाबा के मंदिर में दूर से सीस झुकाता है,

महाकाल को याद करे जो उससे काल घबराता है,

उसका सारा भय मिट जाता जगजंजाल का

जिसके........

उज्जैन में शिव का महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग निराला है,

जिसका दर्शन जन्म जन्म के पापों को हरने वाला है,

जहां हैं त्रिपुरारी लेखा जोखा रखते त्रिकाल का ,

जिसके .........

जिसने साँसों की माला में शिव का नाम पिरोया है,

शिव के नाम से जागा है और शिव के नाम से सोया है,

कट गया उसका बंधन जन्म मरण के जाल का,

जिसके ......

शिव क्या गाये महिमा जिनकी तीन लोक से न्यारी है,

सारी सृष्टि में है शिव और शिव में सृष्टि सारी है,

कोई आदि अंत ना जान सका कालों के काल का ,

जिसके .....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।