कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन मे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में +2

तेरे महलों के अदभुत नजारो मे +2

कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में

सारी दुनिया ने सजदा कियाहै जहां

तेरे कदमों में झुकता है सारा जहां

लगा दी डूबती नैया किनारे पे

कांहा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में

जिस का कोई नहीं तूने अपना लिया

बे किनारों को तूने अपना लिया

बुलाते जब भी तुम दौड़े आते हो

कान्हा खो गया तेरे वृंदावन में

तेरी चौखट पे रहमत की बरसात है

क्यों मैं घबराऊं जब तू मेरे साथ है

क्या रखा है झूठे जमाने में

कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में

लालसा है बड़ी तुम्हे पाने की

मान जाओ अब अरजी मामा की

कर रहा हू फरियाद ज़मानेकी

कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन मे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।