मुझे छोड़ के न जाओ श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,

मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,

रिश्ते सारे छोड़ के हूँ आई , बंधन सारे तोड़ के हूँ आई ,

रिश्ते सारे छोड़ के हूँ आई , बंधन सारे तोड़ के हूँ आई ,

अब भेजो ना वापस श्याम, तोरी पय्या पडू ,

अब भेजो ना वापस श्याम, तोरी पय्या पडू ,

मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,

मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,

ताने मारेगी, दुनिया सारी , जो तूने मुझको, छोड़ा मुरारी ,

ताने मारेगी , दुनिया सारी, जो तूने मुझको, छोड़ा मुरारी,

मुझे छोडो ना ऐसे श्याम, तोरी पय्या पडू,

मुझे छोडो ना ऐसे श्याम, तोरी पय्या पडू,

मुझे छोड़ के न जाओ श्याम ,पय्या पडू ,

मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,

किसके भरोसे जीवन बिताऊ , किसको अपनी व्यथा सुनाऊ,

किसके भरोसे जीवन बिताऊ , किसको अपनी व्यथा सुनाऊ,

मेरी विनती सुन लो श्याम, तोरी पय्या पडू ,

मेरी विनती सुन लो श्याम, तोरी पय्या पडू ,

मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,

मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।