रंग चढ़ गया अज तेरा शाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रंग चढ़ गया अज तेरा शाम

अज ते कमाल हो गया

कमाल हो गया, मालो माल हो गया

रंग चढ़ गया अज तेरा शाम, अज ते कमाल हो गया

कमाल हो गया जी कमाल हो गया

रंग चढ़ गया अज ते रा शाम अज ते कमाल हो गया

शाम वाला रंग किसे किसे नु है चढ़दा

ओहियो तर जांदा जेह्डा पल्ला ऐदा फड दा,

मैं ते हो गई मालो माल अज ते कमाल हो गया-2

रंग चढ़ गया अज तेरा शाम अज ते कमाल हो गया

दुनिया ते शाम मेनू धक्के रेह्न्दी मारदी-2

तेरे भरोसे मैं तां होंसला नही हार दी-2

ओ तां हर दम मेरे नाल अज ते कमाल हो गया

रंग चढ़ गया अज तेरा शाम अज ते कमाल हो गया-2

कमाल हो गया मालो माल हो गया

रंग चढ़ गया अज तेरा शाम अज ते कमाल हो गया

तेरे प्यार वाला शाम मेनू रंग चडेया-2

सारेया ने छडेया ते तूइयो ही हथ फड़ेया-2

मैं तां हो गई अज तेरी शाम अज ते कमाल हो गया-2

रंग चढ़ गया अज तेरा शाम ,अज ते कमाल हो गया-2

कमाल हो गया माले माल ही गया

रंग चढ़ गया अज तेरा शाम अज ते कमाल हो गया

एहो गल कवां शाम कदे वी ना मोड़ना-2

दिल तेनु दिता शाम कदे वी ना तोड़ना-2

(विटु बन्टी) दिल दिता कदे वी न तोड़ना

दिल दिता ऐ तेनु शरेआम अज ते कमाल हो गया

रंग चढ़ गया अज तेरा शाम अज ते कमाल हो गया

कमाल हो गया मालो माला हो गया

रंग चढ़ गया अज तेरा शाम.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।