अक्षय तृतीया महोत्सव कोटिन कोटि बधाई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अक्षय तृतीया महोत्सव कोटिन कोटि बधाई

सभी को कोटिन कोटि बधाई, शुक्ल पक्ष वैसाख मास की, अक्षय तृतीया (है) आई ।।

अक्षय तृतीया से हुई थी, त्रेता युग शरुआत।

भगवन परशुराम जयन्ती, का यह दिन है खास ।।

अति उत्तम अति पावन उत्सव, अति उत्तम फलदाई-सभी को.

अक्षय तृतीया का महोत्सव, वृंदावन में भारी।

चरण दरस श्रीबांके बिहारी, साल में हो इकबारी ।।

सर्वांग लगे लेप चंदन का, बरसे शीतलताई - सभी को.

सर्वसिद्धि यह स्वंय महूर्त, शुभ दिन मंगलकारी।

विष्णु-लक्ष्मीं पूजन हो, हो मन भावन खरीदारी ।।

'मधुप हरि'हरि भजन करो, रहो हरि चरणन लिव लाई-सभी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।