दूरो मैं चलके आया तेरे दरबार मां

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैं चलके आया तेरे दरबार मां , सोहना दरबार मां

दास खड़ा तेरे दर्शन को मां-2

उच्चेया पहाड़ा वाली मां मेरी शेरा वाली-2

तेरा दरवार मां सोहना दरबार मां, मां दास खड़ा ते दर्शन को-2

दूर दूर से मां भगत तेरे द्वारे आते है-2

तेरे द्वारे आते है प्रेमसे दर्शन पाते है-2

भगतो के लिए मईया-2 तेरा दरवार मां सेना दरबार मां

दास खड़ा....

दूरो मैं चलके आया....

दास खड़ा....

ध्यानु जैसे मां भगत तूने लाखो तारे है-2

मधुकैटभ जैसे राक्षस मईया तूने मारे है-2

ऊंचे पर्वत पे मईया-2 तेरा दरवार मां सोहना दरबार मां

दास खड़ा.....

दूरो मैं चलके......

दास खड़ा....

अकबर हंकारी मां तुझे अजमाने आया था-2

तेरी ज्योत बुझाने को लोहे का तबा चढ़या था-2

तबा फाड़ निकली ज्वाला-2 हुई जय जयकार मां

दास खड़ा.....

दूरे मैं चलके आया.....

दास खड़ा तेरे दर्शन को, मां दास खड़ा तेरे देशन को

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।