कब लोगे खबर भोलेनाथ

लखबीर सिंह लक्खा
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बड़ी देर वही कब लोगे खबर भोलेनाथ

चलते चलते मेरे पग हारे कब लोगे खबर मेरी भोले नाथ,

कब लोगे खबर भोलेनाथ....

आया हु मैं भी दवार तुम्हारे अपनी झोली आज पसारे,

खाली जाऊ भला मैं कैसे तेरे दर से है भोले नाथ,

बड़ी देर वही......

अनजाना हु राह दिखा दो अब तो बाबा हाथ बड़ा दो,

मोह माया में मैं अटका प्राणी नही पाऊ मैं डगर भोले नाथ,

बड़ी देर वही......

भगतो को जो ठुकराओ गे आप भी बाबा पश्ताओ गे,

खुद तुम को मनना हो रूठ जाऊ अगर भोले नाथ,

बड़ी देर वही......

ना कर बाबा हम को निराशा बस हु दर्शन को मैं हु प्यासा,

बिन पाए कैसे दरस कैसे शर्मा जाये अपने घर भोले नाथ,

बड़ी देर वही......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।