अगर मोह से मन सदा मोड़ दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अगर मोह से मन सदा मोड़ दे,

बुरे कर्म अपने अगर छोड़ दे ।

तब ईश विपदा हरेगा तेरे,

मगर ईश का ध्यान करना पड़ेगा,

सखे सुन मेरे ।।

द्रोपदी को दुशासन बेपरदा करे,

पुकारी जभी लाज उसकी हरे ।

कोई ऐसा गम ना प्रभु ना हरे,

अजामिल प्रभु नाम से ही तरे ।।

गज मोक्ष देखो प्रभु ने किया,

प्रहलाद का दुःख सदा हर लिया ।

तब ईश विपदा....

कर याद प्रभु की कृपावृष्टि का,

हो जा प्रभु की दया दृष्टि का ।

प्रभु है रचयिता पूरी सृष्टि का,

बना ले तू अपना उसे दृष्टि का ।।

अगर भाव से उसको कोई भजे,

गया जो शरन में प्रभु ना तजे ।

तब ईश विपदा....

चलो राह सत की असत से डरो,

मन की न मानो न मन की सुनो ।

अगर प्रभु को पाना तुम्हें है सुनो,

प्रभु नाम को प्यारे जल्दी चुनो ।।

तुम भी चुनो कान्त प्रभु नाम को,

समय न गँवाओ तजो काम को ।

तब ईश विपदा....

भजन रचना : दासानुदास श्रीकान्त दास जी महाराज ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।