तुम हो जगत के स्वामी ओ मेरे जगन्नाथ

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

तरज - दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे पास

तुम हो जगत के स्वामी , ओ मेरे जगन्नाथ

हम आए गए पूरी में , ओ मेरे दीनानाथ

समय का मैं हूं मारा तो तेरे दर पे आया

आकर के प्रभु जी तेरा दरवाजा खटकाया

तुम हो जब साथ मेरे , फिर बच्चे क्यों अनाथ

हम आए गए पूरी में , ओ मेरे दीनानाथ

क्या मैं बताऊं बाबा कौन सी घड़ी है

बच्चो पर तेरे बाबा मुश्किल बड़ी है

सोचू मैं हर बारी , तुम हो मेरे साथ

हम आए गए पूरी में , ओ मेरे दीनानाथ

लकी को प्रभु मेरे पूरी में रख लो

विनती यही है प्रभु चरणों में रख लो

रख दो मेरे सीर पर , अपने ये दोनों हाथ

हम आए गए पूरी में , ओ मेरे दीनानाथ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।