गाड़ी बँगले ये दौलत चले जायेंगे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

गाड़ी बंगले ये दौलत,

चले जाएँगे ।

यारों माटी में एक दिन,

ये मिल जाएँगे ।।

गर्व किसका रहा,

पढ़लो इतिहास को ।

लाँघ पाये न कोई,

मौत के फाँस को।।

बन्धु-माता-पिता सब,

चले जाएँगे ।

यारों माटी में एक दिन,

ये मिल जाएँगे ।।

राजा बलि कोई था,

कोई रावण रहा ।

एक कहानी बची,

और कुछ ना रहा ।।

जो हुए हैं धरा में,

वो मिल जाएँगे ।

यारों माटी में एक दिन,

ये मिल जाएँगे ।।

क्रूर दानव महा,

ऊधमी कंस था ।

मिल गया धूल में,

काल का दंश था ।

जन्म लेकर प्रभु,

फिर चले जाएँगे ।

यारों माटी में एक दिन,

ये मिल जाएँगे ।।

गर्व करना नहीं कान्त,

अपना कभी ।

प्रेम करलो तो है,

जग ये अपना सभी ।।

तेरे अच्छे करम,

जग में रह जाएँगे ।

यारों माटी में एक दिन,

ये मिल जाएँगे ।

भजन रचना : दासानुदास श्रीकान्त दास जी महाराज ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।