तन भी तेरा ये मन भी तेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विष्णु भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं तो तेरी हो गई श्याम,

दुनिया क्या जाने.....-4

तन भी तेरा ये मन भी तेरा,

मन मंदिर में तेरा बसेरा,

मैंने जीवन कर दिया नाम, दुनिया क्या जाने,

मैं तो तेरी हो गई श्याम,

दुनिया क्या जाने.....

दिल का चैन गँवाया तूने,

मुझको पगली बनाया तूने,

मेरा कर दिया दीन हरान, दुनिया क्या जाने,

मैं तो तेरी हो गई श्याम,

दुनिया क्या जाने.....

जनम जनम मैं तेरी दासी,

मेरी भी सुन लो हे बृजवासी,

मैं तो आ गयी तेरे द्वार, दुनिया क्या जाने,

मैं तो तेरी हो गई श्याम,

दुनिया क्या जाने.....

कब से आस लगी तेरे अंगना,

पहना दो मुझे प्रेम का कंगना,

मैं तो तेरी हो गई श्याम,

दुनिया क्या जाने

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।