ओ बाबा कृपा मैं तेरी हरदम पाता रहूं तू लिखवाता रहे और मैं गाता रहूं

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

(तर्ज - तू खाटू बुलाता रहे और मैं आता रहूं )

ओ बाबा कृपा मैं तेरी हरदम पाता रहूं

तू लिखवाता रहे और मैं गाता रहूं

देखा जबसे तुने कमाल हो गया है

सूखा हुआ बाग गुलजार हो गया है

ओ बाबा गुनगान तेरा यूं ही गाता रहूं

तू लिखवाता रहे और मैं गाता रहूं

तस्वीर तेरी पर ये दिल आ गया है

सच कह रहा हूं बाबा मन आ गया है

ओ बाबा तेरी ही नगरी में आता रहूं

तू लिखवाता रहे और मैं गाता रहूं

किस्मत पर नहीं मुझे तुम पे भरोसा

लकी को तूने बाबा पाला और पोशा

ओ बाबा चौखट पे सिर मैं झुकाता रहूं

तू लिखवाता रहे और मैं गाता रहूं

Lyrics - lucky Shukla

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।