मासूम बनता है बड़ा सीधा लगता है

सियाराम जी
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मासूम बनता है, बड़ा सीधा लगता है ।

चुपके से आकरके, चोरी करता है;

चोरी करके फिर हमसे वरजोरी करता है ।।

आखिर ये चोरी कब-तक,

यशुदा माँ को पता नहीं है जब-तक ।

अब होगी शिकायत घर में,

मैया लेगी खबर तेरी पल भर में ।।

पकड़ रहो, जकड़े रहे रहो, चोरी करता है ।

चोरी करके फिर हमसे वरजोरी करता है ।। मासूम....

निज बाल सखा संग आता,

मेरी मटकी के सब माखन खा जाता ।

दधि- दूध की मटकी तोड़े,

पनघट पे मुझको बहुत सखी ये छेड़े ।।

बाँधे रहो, माँ से कहो, चोरी करता है ।

चोरी करके फिर हमसे वरजोरी करता है ।।

क्या ढोंग रचता है, बड़ा नाटक करता है ।

चुपके से....

अब हाथ दुख रहा है रे,

ले पकड़ ले गोपी हाथ दूसरे मेरे ।

एक ग्वाल सखा को बुलाये,

श्रीकान्त सखा के हाथ कृष्ण पकड़ाये ।।

फटकार रही, डाँट रही, चोरी करता है ।

चोरी करके फिर हमसे वरजोरी करता है ।।

वह खूब हँसता है, बड़ा भोला बनता है ।

चुपके से....

दासानुदास श्रीकान्त दास जी महाराज

स्वर : सियाराम जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।