जय काल काल महाकाल

लक्की हंस
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बबम बम काल काल महाकाल

जय काल काल महाकाल काल

तेरी किरपा हो गई जिसपर

तेरी किरपा हो गई जिसपर

बने बिगड़े उसके हाल हाल

बबम बम काल काल महाकाल

जय काल काल महाकाल काल.....

तेरी जटा में गँगा नाचे है

माथे पर चंदा साजे है....

तेरी जटा में गँगा नाचे है

माथे पर चंदा साजे है ||

एक हाथ बजे है डमरू

तेरे गल नागो की माल माल....

बबम बम काल काल महाकाल

जय काल काल महाकाल काल

नहीं तुझसा कोई सानी रे

मेरे महादेव महादानी रे....

नहीं तुझसा कोई सानी रे

मेरे महादेव महादानी रे ||

गाए सृष्टि तेरी कहानी रे

दिए संकट सबके टाल टाल....

बबम बम काल काल महाकाल

जय काल काल महाकाल काल

शमशान में डेरा लगाया है

तेरी समझा न कोई भी माया है...

शमशान में डेरा लगाया है

तेरी समझा न कोई भी माया है ||

गुणगान हंस ने गाया है

गुणगान हंस ने गाया है

काटो जन्म मरण के जाल जाल

बबम बम काल काल महाकाल

जय काल काल महाकाल काल

बोलो ॐ नमः शिवाय

बोलो जय शंकर रुद्राय बोलो भोले भंडारी की जय बोलो शम्भू त्रिपुरारी की जय देव आदि देव महादेव की जय

जय जय भोले नाथ,जय जय भोले नाथ, जय जय जय भोले नाथ, जय जय जय भोले नाथ

जयकारा भोले भंडारी का बोल साचे दरबार की जय

गायक : लक्की हंस

लेखक : लक्की हंस

संगीत : डी.ऍन. मिश्रा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।