जरा इतना बता दो राधा ,श्याम तुम्हें कैसे मिला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला,

जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,

आता नहीं वो किसी के वश में ,

सारी दुनिया उसके वश में ,

आता नहीं वो किसी के वश में ,

सारी दुनिया उसके वश में ,

कैसे तुमने किया वश में , श्याम तुम्हें कैसे मिला,

जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,

बात बात पर रूठ जाता है ,

नखरे कितने दिखलाता है ,

बात बात पर रूठ जाता है ,

नखरे कितने दिखलाता है ,

कैसे रीझ गया तुमपे , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,

जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,

मना मना कर मैं तो हारी ,

फिर भी ना माना वो बनवारी ,

मना मना कर मैं तो हारी ,

फिर भी ना माना वो बनवारी,

कैसे मान गया तुमसे , श्याम तुम्हें कैसे मिला,

जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,

अखियो में अखिया डाल के मेने ,

कह दिया तुम हो प्रियतम मेरे ,

अखियो में अखिया डाल के मेने ,

कह दिया तुम हो प्रियतम मेरे ,

फिर मान गया कान्हा , श्याम मुझे ऐसे मिला ,

सखी कैसे बताऊ तुम्हें, श्याम मुझे ऐसे मिला ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।