अज पागा वाला खुशिया दा दिन चढ़या

पारंपरिक
अन्य गुरु वाणी गुरुदेव भजन guru-vani
॥ पावन पाठ ॥

दिन चढ़या दिन चढ़या ,अज पागा वाला खुशिया दा दिन चढ़या

अज पागा वाला खुशिया दा दिन चढ़या

असी हो गए निहाल असी हो गए माला माल-2

असी सतगुरु प्यारेदा लड़ फडेया

दिन चढ़या दिन चढ़या अज पागा वाला खुशिया दा दिन चढ़या

अज पागा वाला खुशिया दा दिन चढ़या

मेरे सतगुरां ने कृपा कर दीति ऐ-2

सबदे दिला दी मुराद पूरी कीती ऐ-2

कृपा कर दिति ऐ, मुराद पूरी कीति ए-2

असी हो गए निहाल, असी हों गए मालामाल-2

असी सतगुरू प्यारे दा लड़ फड़ेया

दिन चढ़या....

अज मस्ती सबते छाई होई ऐ-2

अज तेरी वी बारी आई होई ऐ-2

असी हो गए निहाल असी हो गए मालोमाल-2

असी सतगुरु प्यारे दा लड़ फडेया

दिन चढ़या......

मेरे सतगुरां ने दर्श दिखाए ने-2

सानुमिठे मिठे बचन सुनाए ने-2

दर्श दिखाए ने, बचन सुनाए ने-2

असी है गए निहाल, असी हो गए मालोमाल-2

असी सतगुरु प्यारे दा लड़ फडेया

दिन चढ़या......

अज पागा बाला.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।