प्रभु मैं पूछ रहा एक बात

प्रवीण सिंह जी
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रभु मैं पूछ रहा एक बात ।

बैठा है तू सबके अन्दर, फिर क्यों पाप होइ जात ।। प्रभु मैं....

गजब तमाशा नित्य करे तू , दिन करता फिर रात ।

एक ही साँचे में सब ढलते, फिर क्यों भेद दिखात ।। प्रभु मैं....

जहाँ पाप तहाँ पुण्य बसा है, जहाँ पुण्य तहाँ पाप ।

दीपक ऊपर करे रोशनी, नीचे अन्ध समात ।। प्रभु मैं....

फूल बनाया शूल बनाया, विस्तृत सागर शान्त ।

संचालक नाटक का नटवर, फिर विचलित क्यों कान्त ।। प्रभु मैं....

पद रचना : प• पू• श्री श्रीकान्त दास जी महाराज

स्वर : प्रवीण सिंह जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।