कलियुग में आई यह कैसी घड़ी....

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

कलयुग में आई यह कैसी घड़ी !

सबको आज अपनी अपनी पड़ी !!

लोभी भोगी बने हैं जोगी ,मोह माया के सभी रोगी ।

धर्म पे आई ये विपदा बड़ी...

.सबको आज अपनी अपनी ..

सच्चे संतों की न सुनवाई,मातपिता की सुधि बिसराई ।।

मर्यादा सारी रह गयी धरी......

सबको आज अपनी अपनी ....

वचपन खेलकूद में खोया,जवानी मोहनिशां में सोया ।।।

आया बुढापा तो आँख खुली ......

सबको आज अपनी अपनी....

शाश्वत मौका है समय न गंवाओ,रामनाम धन खूब कमाओ ।।।।

दौलत सारी रह जायेगी पड़ी .......

सबको आज अपनी अपनी

रचित- बालव्यास शाश्वत जी महाराज

श्रीरामकुटी,वृंदावन धाम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।