मैं देखु जिस और सखी री सामने मेरे सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं देखु जिस और सखी री सामने मेरे सांवरियां,

प्रेम ने जोगन मुझको बनाया,

तन को सीचा मन को जलाया,

प्रेम के दुख मे डूब गया दिल,

जैसे जल मे गागरियां,

सामने मेरे सांवरियां......

दुनिया कहती मुझको दिवाना

कोई ना समझे प्रेम की बानी,

कैसे बताऊ कैसे बिछडी

पी के मुख से बांसुरियां

सामने मेरे सॉवरियॉ....

रो रो कर हर दुख सहना है,

दुख सह सह कर चुप रहना है,

कृष्णा कृष्णा रटते रटते,

मैं तो हो गई बॉवरियॉ ,

सामने मेरे सॉवरियॉ.....

गायक रसीद मयूर इटावा राजस्थान

पैड प्लेर रहीस मयूर इटावा राजस्थान

9785090030,9829962362

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।