सोहने मुखड़े दा लैन दे नज़ारा वे केहडा तेरा मुल्ल लगदा

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सोहने मुखड़े दा लैन दे नज़ारा,

वे केहडा तेरा मुल्ल लगदा ।

एहना अंखिया दा होण दे गुजारा,

वे केहडा तेरा मुल्ल लगदा ॥

हुसन तेरे दी खैर मनावां,

जे तक्क लै तां मैं तर जावां ।

ऐवें निक्का जेहा कर दे इशारा,

वे केहडा तेरा मुल्ल लगदा ॥

मैं लज्जत ए इंतज़ार लेता हूँ, यूँ शब ए गम गुजार लेता हूँ

जब भी डसती हैं मुझ को तन्हाहिया, मैं नाम तेरा पुकार लेता हूँ

अँखिआ दे विच्च अँखिया पाके ,

कर दिता जादू ओहने नज़रां मिला के ।

तेरे बिना नहीं हुँदा है गुजारा,

वे केहडा तेरा मुल्ल लगदा ॥

एह इश्क दी मर्जी अनोखी है, नहीं कटदी वैद हकीमां तो,

तेरे सामने मर जावा कट जावण, मेरे दर्द दा चारा तू है

बिन तेरे मैं रह नहिओ सकदा,

दर्द जुदाई दा सेह नहिओ सकदा ।

साढ़े दिल दी तू सुन लै पुकारां,

वे केहडा तेरा मुल्ल लगदा ॥

ज़रा नाज़ां वालेया सामने आ, अज्ज अँखिया मिलान नु जी करदा,

तेरे हुसैन दे लिश्कारे अग्गे, साडा कतल हो जान नू जी करदा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।