देखो शबरी के खुल गए भाग

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

देखो शबरी के खुल गए भाग कुटिया में राम आ गए

मेरी कुटिया में गंगा और सरयू

स्नान करेंगे श्री राम कुटिया में राम आ गए

देखो शबरी के खुल गए भाग कुटिया में राम आ गए

मेरी कुटिया में चंदन का पेड़ है

तिलक लगाऊ सुबह शाम कुटिया में राम आ गए

देखो शबरी के खुल गए भाग कुटिया में राम आ गए

मेरी कुटिया में तुलसी का पेड़ है

पूजा करेंगे सुबह शाम कुटिया में राम आ गए

देखो शबरी के खुल गए भाग कुटिया में राम आ गए

भर भर डलिया बैरों के लाई

देखो भोग लगाएं मेरे राम कुटिया में राम आ गए

देखो शबरी के खुल गए भाग कुटिया में राम आ गए

जो बेर शबरी ने राम को दिए हैं

देखो राम जी ने खाई झुठे बेर जी

देखो शबरी के खुल गए भाग कुटिया में राम आ गए

जो बेर शबरी ने लक्ष्मण को दिए हैं

लक्ष्मण ने फेंके नीचे बेर कुटिया में राम आ गए

देखो शबरी के खुल गए भाग कुटिया में राम आ गए

लक्ष्मण को जब शक्ति लगी थी

संजीवन बन गए बेर कुटिया में राम आ गए

देखो शबरी के खुल गए भाग कुटिया में राम आ गए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।